प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की खुलकर प्रशंसा की। गुजरात में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में विकास की नई धारा जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी से मजबूत हो रही है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है।
मोदी ने कहा, “सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सर्वांगीण प्रगति स्पष्ट रूप से जमीन पर दिखाई दे रही है। जनजातीय समाज का सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी समाज की उन्नति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी आवश्यक है, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में उल्लेखनीय कदम उठा रहा है।
वीर नारायण सिंह स्मारक का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी हुए भावुक
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने हाल में हुए राज्योत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ की यात्रा को याद किया। उन्होंने रायपुर में निर्मित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को जनजातीय इतिहास और गौरव का भव्य प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
बस्तर को मिली बड़ी सौगात: पांच नए Eklavya स्कूलों का शुभारंभ
विश्व आदिवासी दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल रूप से बस्तर संभाग को पांच नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की सौगात दी।
ये विद्यालय—
- बीजापुर जिले के आवापल्ली और भोपालपटनम,
- बस्तर जिले के दरभा, किलेपाल (बास्तानार) और लोहंडीगुड़ा
में स्थापित किए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी युवाओं को बेहतर शिक्षा, खेल सुविधाएं, तकनीकी प्रशिक्षण और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
‘छत्तीसगढ़ का उत्साह बढ़ा’ — मुख्यमंत्री साय
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सम्मान और प्रशंसा के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा,
“यह सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के उत्साह को दोगुना करने वाला है। हमारी सरकार जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में तेज़ी से काम कर रही है।”
साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सिद्धांतों पर चलते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ के योगदान को और मजबूत करेगी।







