फरीदाबाद टेरर नेटवर्क और लाल किला धमाके की जांच कर रही एजेंसियों को आतंकियों के फोन से चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। जांचकर्ताओं ने सिर्फ मुजम्मिल के मोबाइल से ही करीब 200 वीडियो और ऑडियो रिकवर किए हैं, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर, असगर, अन्य जैश कमांडरों और ISIS से जुड़े कट्टर आतंकियों की जहरीली तकरीरें शामिल हैं।
बम मेकिंग और टेरर ट्रेनिंग से जुड़े 80 वीडियो
डॉक्टर मुजम्मिल, आदिल, शाहीन और इरफान के फोन्स से डिलीटेड डेटा निकालने पर एजेंसियों को लगभग 80 वीडियो मिले हैं, जिनमें:
- आतंकी ट्रेनिंग
- बम बनाने की तकनीक
- केमिकल रिएक्शन्स से संबंधित रिसर्च
जैसी सामग्री शामिल है। मुजम्मिल के फोन से दिल्ली, यूपी, मुंबई और कई राज्यों के धार्मिक स्थलों व भीड़भाड़ वाले बाजारों के वीडियोज भी मिले हैं—जो उनकी साज़िश को और गंभीर बनाते हैं।
सीरियाई ISIS कमांडर से तुर्की में मुलाकात
जांच में खुलासा हुआ कि करीब तीन वर्ष पहले मुजम्मिल और लाल किला धमाके का कथित सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर तुर्की गए थे।
वहीं उनकी मुलाकात एक सीरियाई ISIS कमांडर से कराई गई, जो जैश के एक शीर्ष कमांडर के निर्देश पर हुई थी। इसी ISIS कमांडर ने दोनों को बम बनाने में सहायता भी दी थी।
लाल किला धमाके पर KJS ढिल्लो की चेतावनी
मीडिया से बातचीत में लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) केजेएस ढिल्लो ने कहा कि इस हमले में पाकिस्तान की ISI और डीप स्टेट की भूमिका हो सकती है।
उनके अनुसार, लाल किला धमाके की साज़िश का पैटर्न पुलवामा हमले से मिलता-जुलता है, जो भारत के लिए “टिक-टिक करता टाइम बम” साबित हो सकता है।
ढिल्लो ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान का डीप स्टेट भारत में उथल-पुथल फैलाने की रणनीति पर लगातार काम करता है और जैश-ए-मोहम्मद उसी मशीनरी का उत्पाद है।









