अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार नेटवर्क को निशाना बनाते हुए बुधवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि उसने कई देशों की कुल 17 कंपनियों, व्यक्तियों और जहाज़ों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। इस सूची में भारत स्थित शिपिंग कंपनी ‘RN Ship Management Private Limited’ का नाम भी शामिल है।
अमेरिका का आरोप है कि यह भारतीय कंपनी ईरान के कच्चे तेल को परिवहन कर रही थी, जिससे ईरान को प्रतिबंधों के बावजूद राजस्व प्राप्त हो रहा था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, RN Ship Management पर लगे प्रतिबंधों का मतलब है कि अमेरिका में मौजूद उसकी सभी संपत्तियों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है, और अमेरिकी नागरिकों तथा संस्थानों के लिए अब इस फर्म के साथ किसी भी प्रकार का लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया है।
ट्रेजरी विभाग ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई ईरान के तेल निर्यात नेटवर्क से होने वाले राजस्व को रोकने के प्रयासों का हिस्सा है। विभाग के अनुसार, यह राजस्व ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा रहा था। अमेरिका का कहना है कि नए प्रतिबंध लगाने का मुख्य उद्देश्य ईरान की आर्थिक क्षमता को सीमित करना है, ताकि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे न बढ़ा सके।
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह सैंक्शन अभियान उन सभी देशों और कंपनियों के लिए चेतावनी है, जो ईरानी तेल के अवैध व्यापार में शामिल पाए जाते हैं—चाहे वे किसी भी देश में स्थित हों।
वहीं, भारत की RN Ship Management पर लगे आरोपों और सैंक्शन पर अभी कंपनी की तरफ से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।
अमेरिका का यह कदम मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चल रही अंतरराष्ट्रीय बहस के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है।









