भारत के नए मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को पदभार संभाल लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में शपथ दिलाई। खास बात यह रही कि जस्टिस सूर्यकांत ने हिंदी में शपथ लेकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और इसकी व्यापक सराहना भी हुई।
समारोह में पहली बार सात देशों के चीफ जस्टिस और न्यायविदों का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। ब्राज़ील, भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका के शीर्ष न्यायाधीश इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
23 नवंबर को जस्टिस बी.आर. गवई ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में उन्होंने नए मुख्य न्यायाधीश का गर्मजोशी से स्वागत किया। शपथ लेने के बाद जस्टिस सूर्यकांत ने मंच से उतरकर अपने माता-पिता के चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद लिया—जिससे समारोह भावुक हो उठा।
शपथ ग्रहण के बाद वे सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और परिसर में स्थित महात्मा गांधी व डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
जस्टिस सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 तक देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे। लगभग 14 महीने के इस कार्यकाल में उनके सामने कई महत्वपूर्ण व संवेदनशील मामलों की सुनवाई होने की संभावना है।









