स्वराज जायसवाल ✍️
सरपंच संघ का संगठित कदम
मालखरौदा में आज सरपंच संघ द्वारा राज्यपाल के नाम तहसीलदार मालखरौदा को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से सरपंच संघ ने ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ी 6 प्रमुख मांगों को सामने रखते हुए शासन का ध्यान जमीनी समस्याओं की ओर आकृष्ट किया।
किसानों के लिए पानी की मांग प्रमुख
ज्ञापन में सरपंच संघ ने मांग की कि 15वें वित्त आयोग की राशि से सभी वितरक नहरों में किसानों के लिए पर्याप्त पानी छोड़ा जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हो सके और फसल उत्पादन प्रभावित न हो।
मानदेय बढ़ोतरी की मांग
सरपंच संघ ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि सरपंचों और पंचों की मानदेय राशि में वृद्धि की जाए। संघ का कहना है कि सीमित मानदेय में बढ़ती जिम्मेदारियों का निर्वहन करना कठिन होता जा रहा है।
बचे हुए रकबे पर धान खरीदी की मांग
ज्ञापन में यह मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई कि जिन किसानों का धान रकबा पोर्टल में दर्ज होने से रह गया है, उसे पुनः ऑनलाइन कराकर धान खरीदी की जाए, ताकि कोई भी किसान समर्थन मूल्य से वंचित न रहे।
सरपंचों के लिए पेंशन लागू करने की मांग
सरपंच संघ ने लंबे समय से लंबित मांग को दोहराते हुए सरपंचों के लिए पेंशन योजना लागू करने की भी मांग रखी। संघ का कहना है कि वर्षों तक सेवा देने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए सामाजिक सुरक्षा आवश्यक है।
ग्रामीण हितों को लेकर सौंपा ज्ञापन
सरपंच संघ मालखरौदा ने कहा कि यह ज्ञापन केवल पदाधिकारियों का नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण जनता की आवाज है। संघ ने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब सरपंच संघ को प्रशासन और शासन के निर्णय का इंतजार है। ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय से किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।










