रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिस्टम जून से लागू होने जा रहा है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह बिजली के लिए एडवांस रिचार्ज कराना होगा। यदि बैलेंस खत्म हुआ तो बिजली अपने आप कट जाएगी। प्रदेश में अब तक 11 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और साल के अंत तक सभी घरों में इसकी स्थापना पूरी कर दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर
केंद्र सरकार की “रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम” के तहत छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
स्मार्ट मीटर की खासियत
- बिजली बिल की मैनुअल रीडिंग की जरूरत खत्म होगी, अधिकारी रिमोट से ही बिजली खपत की निगरानी कर सकेंगे।
- उपभोक्ताओं को रिचार्ज खत्म होने से पहले अलर्ट मैसेज मिलेगा, जिससे वे समय पर रिचार्ज कर सकें।
- यह सुविधा कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी पर लागू होगी।
रायपुर में सबसे ज्यादा स्मार्ट मीटर
राजधानी रायपुर 2.59 लाख स्मार्ट मीटर के साथ पहले स्थान पर है। अन्य जिलों में स्थिति इस प्रकार है:
- बिलासपुर – 1.09 लाख
- धमतरी – 98 हजार
- बलौदाबाजार – 78 हजार
- महासमुंद – 82 हजार
- राजनांदगांव – 67 हजार
- जांजगीर-चांपा – 29 हजार
- कोरबा – 42 हजार
रिचार्ज खत्म होते ही कट जाएगी बिजली
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक, प्रदेश में वर्तमान में 59 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 5.50 लाख उपभोक्ता कृषि कनेक्शन वाले हैं, जिन्हें इस योजना से बाहर रखा गया है।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिस्टम लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली के लिए एडवांस रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली अपने आप कट जाएगी। हालांकि, उपभोक्ताओं को रिचार्ज खत्म होने से पहले ही बैलेंस अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा, ताकि वे समय पर रिचार्ज कर सकें।










