धार/मनावर। लोकायुक्त पुलिस ने धार जिले की मनावर तहसील में बड़ा खुलासा करते हुए एक फॉरेस्ट रेंजर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। रेंजर वैभव उपाध्याय पर आरोप है कि वह रोड निर्माण की अनुमति देने के बदले कांट्रैक्टर से 1 लाख रुपए की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर उसे बुधवार, 9 अप्रैल को ट्रैप कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
मनावर के बाग फॉरेस्ट रेंज में एक रोड निर्माण प्रोजेक्ट लंबे समय से अटका हुआ था। फॉरेस्ट एरिया होने के कारण इसके लिए रेंजर की अनुमति जरूरी थी। कांट्रैक्टर पर काम जल्द शुरू करने का दबाव था, लेकिन फॉरेस्ट रेंजर वैभव उपाध्याय बिना घूस लिए परमिशन देने को तैयार नहीं था।
रेंजर की डिमांड से परेशान हुआ कांट्रैक्टर
कांट्रैक्टर ने बताया कि फॉरेस्ट रेंजर लगातार 1 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था। आखिरकार, तंग आकर उसने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी।
लोकायुक्त पुलिस का प्लान और ट्रैपिंग ऑपरेशन
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने कांट्रैक्टर के साथ मिलकर ऑपरेशन प्लान किया। बुधवार को जैसे ही रेंजर ने 1 लाख रुपए रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। पूरी कार्रवाई मनावर के बाग फॉरेस्ट रेंज में हुई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने रेंजर वैभव उपाध्याय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत केस दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है।










