सरकारी योजनाओं में लूट का खुला खेल, कागजों पर खर्च दिखाए लाखों, ज़मीन पर कुछ नहीं
कागज़ों में पानी पहुंचा, ज़मीन पर सूखा ही रहा
पाली जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत करतला में बीते पंचवर्षीय कार्यकाल के दौरान पेयजल व्यवस्था सुधारने के नाम पर 22 लाख 88 हजार 515 रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च करना बताया गया है। लेकिन धरातल पर इसकी तस्वीर एकदम उलट है—जहां ग्रामीण आज भी पानी की परेशानी से जूझ रहे हैं।
स्कूलों-आंगनबाड़ियों के नाम पर किया गया पैसों का दुरुपयोग
कथित खर्च का बड़ा हिस्सा माध्यमिक एवं प्राथमिक शालाओं तथा आंगनबाड़ियों में रनिंग वाटर सुविधा, सबमर्सिबल पंप और सिंटेक्स टैंक की स्थापना पर बताया गया है। माध्यमिक शाला झोरखीपारा के नाम पर 4.20 लाख रुपए निकाले गए, जबकि वहां पहले से ही पेयजल व्यवस्था पूर्व सरपंच के कार्यकाल से चालू है। अन्य स्कूलों में 49 हजार की योजना वाले काम को 1.05 लाख में दिखाकर फर्जी आहरण किया गया।
इन जगहों पर भी हुए पैसे निकासी, लेकिन व्यवस्था नदारद
रामसिंह घर के पास, रमतला में नारायण घर के पास, परदेशी और संतोष घर के पास पेयजल व्यवस्था के नाम पर क्रमशः 70,000, 63,860, 68,000 और 70,000 रुपए की राशि खर्च होना बताया गया है। लेकिन इन स्थानों पर या तो पहले से व्यवस्था थी या अब तक कुछ भी नहीं हुआ है।
10 हज़ार की मरम्मत पर 45 हज़ार खर्च दिखाना बना सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात अशोक घर के पास सबमर्सिबल पंप की मरम्मत के नाम पर 45,000 रुपए खर्च की है, जबकि एक नया पंप ही अधिकतम 10-15 हजार में मिल जाता है। इससे साफ है कि मरम्मत के नाम पर राशि का भारी दुरुपयोग किया गया।
सचिव और पूर्व सरपंच की मिलीभगत से लूटी गई योजनाएं
ग्राम पंचायत करतला की पूर्व सरपंच विमला बाई कुसरो और वर्षों से पदस्थ सचिव छत्तर सिंह जगत की मिलीभगत से योजनाओं को कागज़ों में पूरा दिखाकर शासन से भारी राशि आहरण कर ली गई। फर्जी बिल और योजना के नाम पर आम जनता के पैसों का खुला दुरुपयोग किया गया।
ग्रामीणों की मांग – हो उच्च स्तरीय जांच और हो दोषियों पर कार्रवाई
ग्रामीणों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि पेयजल व्यवस्था में योजनाबद्ध घोटाला किया गया है, जिसमें जनपद स्तर के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अन्य योजनाओं में भी घोटाले के आरोप, अगली कड़ी में होगा खुलासा
सूत्रों के अनुसार यह केवल पेयजल योजना तक सीमित नहीं है। अन्य निर्माण कार्यों—जैसे नाली निर्माण, भवन मरम्मत, शौचालय निर्माण आदि में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट अगले अंक में प्रस्तुत की जाएगी।









