पाली जनपद में ‘बिहान योजना’ बना भ्रष्टाचार का केंद्र, कार्यक्रम प्रबंधक पर गंभीर आरोप, महिलाएं उतरीं आंदोलन की राह पर

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कोरबा/पाली:
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। लेकिन पाली जनपद में यह योजना अब भ्रष्टाचार और शोषण की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। महिलाओं ने विकासखंड के कार्यक्रम प्रबंधक सत्यप्रकाश जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है।

महिलाओं का आरोप: फर्जीवाड़ा, अभद्रता और मानसिक उत्पीड़न
बिहान योजना से जुड़ी सैला, हरदीबाजार और पोड़ी क्लस्टर की सैकड़ों महिलाओं ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम प्रबंधक न केवल सामग्रियों की खरीद में फर्जी बिल तैयार कर लाखों का घोटाला कर रहे हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना भी कर रहे हैं। कई महिलाओं ने बताया कि विरोध करने पर उन्हें योजना से बाहर करने की धमकी दी जाती है।

जांच टीम पर भी उठे सवाल, महिलाओं ने बताया ‘खानापूर्ति’
महिलाओं की शिकायत पर 21 जून को जिला स्तरीय जांच टीम जनपद कार्यालय पहुंची, जहां सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक महिलाएं भूखी-प्यासी अपनी व्यथा लेकर बैठीं रहीं। टीम के देर से पहुंचने और औपचारिक बयान दर्ज कर लौट जाने पर महिलाओं ने जांच को ‘खानापूर्ति’ करार देते हुए अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

एक पीड़िता की कहानी: कर्ज लौटाने के लिए गिरवी रखी जमीन और जेवर
ग्राम दमिया निवासी दुर्गा कुसरो ने बताया कि उसने 2023 में बिहान योजना के तहत 2 लाख का ऋण लिया था, जिसकी किस्तें वह नियमित रूप से चुका रही थी। लेकिन एक दिन कार्यक्रम प्रबंधक ने उसे फर्जी लोन लेने का आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी दी, जिससे घबराकर उसने अपनी जमीन और जेवर गिरवी रखकर 1 लाख रुपये वापस किए।

कार्यक्रम प्रबंधक पर वर्षों से लापरवाही और मनमानी के आरोप
बताया गया है कि सत्यप्रकाश जायसवाल संविदा पद पर कार्यरत हैं और लंबे समय से योजना में अनियमितताओं को अंजाम दे रहे हैं। पहले विरोध के स्वर दबे रहते थे, लेकिन अब महिलाएं खुलकर सामने आ गई हैं। दर्जनों महिलाएं पहले ही समूह छोड़ चुकी हैं, और अब बाकी महिलाएं आंदोलन की तैयारी में हैं।

प्रश्नचिन्ह सरकार की नीयत पर नहीं, कार्यप्रणाली पर
बिहान योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है। लेकिन यदि स्थानीय स्तर पर ही भ्रष्टाचार और शोषण हावी रहेगा, तो यह योजना अपने मकसद में कैसे सफल हो पाएगी?

आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन पर दबाव बढ़ा
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यक्रम प्रबंधक को जल्द नहीं हटाया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगी। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यशैली और योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन को कटघरे में ला खड़ा किया है।

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