बैठक कक्ष न मिलने से नाराज़ कांग्रेस पार्षदों ने विकास भवन के सामने जमीन पर लगाया ‘जनता दरबार’

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बिलासपुर। नगर निगम कार्यालय विकास भवन में कांग्रेस पार्षदों को अब तक बैठक कक्ष आवंटित नहीं किया गया है। इससे नाराज़ कांग्रेस पार्षदों ने सोमवार को विरोध का नया तरीका अपनाया। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप के नेतृत्व में सभी कांग्रेस पार्षद विकास भवन के मुख्य द्वार पर जमीन पर बैठ गए और वहीं अस्थायी कार्यालय बनाकर जनता की समस्याएं सुनने लगे।

कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि निगम चुनाव संपन्न हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक ना तो नेता प्रतिपक्ष और ना ही कांग्रेस पार्षदों को बैठने के लिए कोई कक्ष दिया गया है। इसे उन्होंने प्रशासन की जानबूझकर की गई उपेक्षा बताया।

धरने के दौरान नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा, “यदि जल्द ही बैठक कक्ष की व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्षद यहीं पर बैठकर नगर निगम से संबंधित सभी कार्यों का संचालन करेंगे। यह राजनीतिक भेदभाव का स्पष्ट उदाहरण है।”

उन्होंने यह भी कहा कि बिलासपुर नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में जो देश में दूसरा स्थान मिला है, वह कांग्रेस शासनकाल के प्रयासों का परिणाम है। “महापौर ने दिल्ली में जाकर जो सम्मान लिया, उसमें कांग्रेस पार्षदों का भी योगदान है। स्वच्छता और विकास जैसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए,” भरत कश्यप ने जोड़ा।

कांग्रेस पार्षदों का दावा है कि चार महीने पहले ही बैठक कक्ष की मांग को लेकर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस शासन में जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उन्हें बैठक कक्ष प्रदान किया गया था।

धरने में संतोषी रामा बघेल, पुष्पेंद्र साहू, रीता शंकर कश्यप, दिलीप पाटिल, अनीता कश्यप, मनहरण कौशिक, सुनीता गोयल, मोहन श्रीवास, ओम कश्यप, अमित भारते, सुनील सोनकर, अब्दुल इब्राहिम, गायत्री साहू, शंकर कश्यप और हिमांशु कश्यप सहित कई पार्षद एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस पार्षदों ने यह भी साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका ‘जनता दरबार’ विकास भवन के बाहर जारी रहेगा।

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