विदेशी मछली ने उड़ाए होश: बीजापुर के नाले में मिली दक्षिण अमेरिका की ‘प्लेको फिश’

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बीजापुर। भोपालपटनम विकासखंड के अर्जुनल्ली गांव में चिंतावागु नाले से एक अजीबोगरीब मछली मिलने से ग्रामीणों में उत्सुकता का माहौल बन गया है। यह मछली अपनी बाघ जैसी धारियों और सक्शन जैसे मुंह के कारण सबका ध्यान खींच रही है। मछली की पहचान ‘प्लेको फिश’ (Plecostomus) के रूप में हुई है, जो मूलतः दक्षिण अमेरिका की निवासी है।

ग्रामीण विशेष कोरम, दिलीप यालम, यालम धर्मेया, गणेश जव्वा और वीरेंद्र गोटे जब नाले में मछली पकड़ने के लिए जाल बिछा रहे थे, तभी यह मछली उसमें फंस गई। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे किसी स्थानीय प्रजाति की मछली समझा, लेकिन इसकी असामान्य बनावट और कठोर त्वचा ने सबको हैरान कर दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह मछली सामान्यतः एक्वेरियम में काई और गंदगी साफ करने के लिए रखी जाती है। इसके निचले हिस्से में सक्शन माउथ होता है, जिससे यह चट्टानों या अन्य सतहों से चिपककर भोजन करती है। इसकी त्वचा इतनी मजबूत होती है कि इसे पकड़ना या मारना आसान नहीं होता।

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि प्लेको फिश एक आक्रामक विदेशी प्रजाति है। यह देशी मछलियों के अंडों और उनके भोजन को नष्ट कर देती है, जिससे स्थानीय जैवविविधता को गंभीर खतरा होता है। इसके प्राकृतिक शिकारी बहुत कम होते हैं, जिससे यह जलस्रोतों में तेजी से फैलती है और पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ने का कारण बन सकती है।

वन विभाग और मत्स्य विशेषज्ञों को इसकी जानकारी दे दी गई है। ग्रामीणों ने ऐसी मछलियों के प्रसार को रोकने की दिशा में उचित कदम उठाने की मांग की है।

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