सड़क हादसों में कैशलेस इलाज का वादा अधूरा, ढाई माह बाद भी पीड़ितों को नहीं मिला लाभ

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कोरबा। राज्य सरकार द्वारा सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल राहत देने के लिए शुरू की गई सड़क दुर्घटना पीड़ित राहत योजना कागजों में ही सीमित होती नजर आ रही है। योजना के तहत 1 अप्रैल 2025 से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल में 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन ढाई माह बीत जाने के बाद भी कई पीड़ित इसका लाभ नहीं ले पाए।

कोरबा में हाल ही में हुए एक सड़क हादसे में घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कैशलेस इलाज से इंकार कर दिया। परिजनों को मजबूरन निजी खर्च पर इलाज करवाना पड़ा। परिजनों का कहना है कि योजना की जानकारी होने के बावजूद अस्पतालों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि योजना के अंतर्गत भुगतान और प्रक्रियाएं स्पष्ट नहीं हैं, जिससे उन्हें इलाज के बाद राशि मिलने में दिक्कत होती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मान रहे हैं कि योजना को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में बाधाएं आ रही हैं।

इस बीच, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने भारी वाहनों की ओवरलोडिंग व तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही है, ताकि हादसों की संख्या कम की जा सके।

योजना के मुख्य प्रावधान

सड़क दुर्घटना पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा।

अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक इलाज का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन।

इलाज शुरू करने के लिए पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज़ पर्याप्त।

अस्पतालों को 7 दिन में दावा प्रस्तुत करने का प्रावधान।

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