बिलासपुर। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
बिलासपुर/रतनपुर। रतनपुर के महामाया चौक में देर रात सेवानिवृत्त शिक्षक को रोककर लूटपाट और धमकी देने के मामले का पुलिस ने त्वरित खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो बालिग युवकों समेत तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से 1,000 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल ऑटो जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक ग्राम कर्रा निवासी 63 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक युवराज सिंह प्रधान 17 अगस्त की रात रतनपुर से कार से अपने घर लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे महामाया चौक स्थित कृष्णा ट्रेडर्स के पास ऑटो सवार युवकों ने उनकी कार को रुकवा लिया।

आरोप है कि आरोपियों ने शिक्षक को कार से नीचे उतारा और गाली-गलौज करते हुए पैसों की मांग की। जब शिक्षक ने रुपये नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने हाथ में रखे डंडे से डराया और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से शिक्षक काफी भयभीत हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद रतनपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर कुछ ही घंटों में आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ और कार्रवाई के बाद पुलिस ने दो बालिग आरोपियों और तीन नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, देर रात मुख्य चौक पर राहगीर को रोककर की गई इस वारदात ने रतनपुर में रात के समय राहगीरों की सुरक्षा और पुलिस गश्त पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेज कार्रवाई से पुलिस ने वारदात का खुलासा तो कर दिया, लेकिन घटना ने यह सवाल जरूर छोड़ दिया है कि देर रात सुनसान सड़कों पर आम नागरिक आखिर कितने सुरक्षित हैं?










