इंदौर के युवा ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक ढाबे पर बदहवास हालत में पाया गया। पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया के बाद गाजीपुर की अदालत ने सोनम को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय पुलिस को सौंप दिया, जो उसे अब शिलॉन्ग लेकर रवाना हो चुकी है।
हनीमून पर गया था दंपति, 2 जून को खाई में मिला राजा का शव
राजा और सोनम 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों ईस्ट खासी हिल्स के सोहरा क्षेत्र से अचानक लापता हो गए। इसके बाद 2 जून को राजा का शव एक खाई में मिला, जबकि सोनम का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इस बीच, 17 दिन बाद सोनम यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोनम बेहद घबराई और अस्थिर मानसिक स्थिति में थी। उसने ढाबे मालिक से मोबाइल मांगा और अपने परिवार से बात की।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी का सिलसिला
इस हत्याकांड में इंदौर पुलिस ने तीन आरोपियों—राज कुशवाहा, विशाल चौहान और आकाश राजपूत को गिरफ्तार किया है। इन सभी को 7 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय पुलिस को सौंपा गया है। एक अन्य आरोपी आनंद कुर्मी को बीना से पकड़ा गया है, जिसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मेघालय एसआईटी ने जांच में पाया है कि सोनम ने कथित रूप से तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर्स की मदद से अपने पति की हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस के पास एक सीसीटीवी फुटेज भी है जिसमें सोनम मोबाइल पर बात करते हुए बार-बार लोकेशन साझा करती दिख रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
एसआईटी चीफ हर्बर्ट पिनियाड खारकोंगोर के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि राजा रघुवंशी की मौत सिर पर धारदार हथियार से दो घातक वार के चलते हुई। इससे हत्या की योजना और अधिक गहरी साजिश की ओर इशारा करती है।
सोनम ने किया सरेंडर या मिली संयोग से?
शिलॉन्ग पुलिस का दावा है कि सोनम ने नंदगंज थाना, गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया, लेकिन राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि सोनम खुद नहीं आई, बल्कि उसे उसके भाई गोविंद के जरिए ट्रैक किया गया और फिर पुलिस हिरासत में ली गई।
परिवारों की प्रतिक्रिया
राजा की मां उमा रघुवंशी का कहना है कि अगर सोनम को सचमुच किडनैप किया गया होता, तो उसके शरीर पर चोट के निशान होते, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित पाई गई। वहीं, राजा के भाई विपिन का कहना है कि जब तक सोनम खुद अपना जुर्म कबूल नहीं करती, तब तक वे उसे दोषी नहीं मानते।
दूसरी ओर, सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी और मां संगीता रघुवंशी का कहना है कि उनकी बेटी निर्दोष है और मेघालय पुलिस झूठा केस बनाकर उसे फंसा रही है। वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके और उनकी बेटी घर वापस आ सके।
आगे की कार्रवाई
अब मेघालय पुलिस सोनम और अन्य आरोपियों को शिलॉन्ग की अदालत में पेश करेगी, जहां रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर अपराध का सीन रीक्रिएट किया जाएगा।










