इंदौर से हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी की रहस्यमयी हत्या और सोनम की गुमशुदगी ने खड़ा किया मानव तस्करी रैकेट का संदेह, परिजन सीबीआई जांच की मांग पर अड़े

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इंदौर शिलांग : मध्य प्रदेश के इंदौर से शिलांग हनीमून मनाने गए नवविवाहित जोड़े राजा और सोनम रघुवंशी के मामले ने एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। राजा का शव उस खाई में मिला है जहां कुछ महीने पहले एक अज्ञात व्यक्ति के शरीर के अंग भी बरामद किए गए थे। यह समानता अब पुलिस की जांच को एक गहरे और रहस्यमयी नेटवर्क की ओर मोड़ रही है।

इस बीच, राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी बीते 15 दिनों से लापता है, जिससे उसका परिवार सदमे और डर में है। परिजनों का कहना है कि सोनम किसी संगठित मानव तस्करी गिरोह का शिकार हो सकती है, जो पति की हत्या कर पत्नी को बांग्लादेश जैसे देशों में बेच देता है।

गोविंद रघुवंशी ने लगाए गंभीर आरोप

सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी पिछले दो सप्ताह से शिलांग में मौजूद हैं और अपनी बहन की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बार-बार धमकियां दी जा रही हैं और पुलिस जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं दे रही।

गोविंद ने बताया कि उन्होंने पुलिस को GPS डाटा और CCTV फुटेज मुहैया कराए हैं, जिनमें कुछ संदिग्ध गाड़ियाँ और व्यक्ति राजा-सोनम के पीछे जाते दिखते हैं। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

मानव तस्करी रैकेट का शक गहराया

राजा के शव के बरामदगी स्थल का अतीत भी चिंता बढ़ाने वाला है। जिस स्थान पर उसका शव मिला, वहां दो महीने पहले एक अज्ञात व्यक्ति के कटे हुए अंग मिले थे। इससे यह आशंका बलवती हो रही है कि वहां कोई बड़ा आपराधिक सिंडिकेट सक्रिय है।

परिजनों का मानना है कि होटल मालिकों, गाइड्स और स्कूटी किराए पर देने वालों से कड़ी पूछताछ की जानी चाहिए, क्योंकि हत्या और अपहरण की साजिश में स्थानीय मदद की भूमिका हो सकती है।

पोस्टर के ज़रिए न्याय की गुहार

इंदौर में राजा के घर के बाहर लगे पोस्टर ने हर आंख नम कर दी। लिखा है:
“सोनम रघुवंशी की यहीं पुकार, कब देखेंगे घर का द्वार?”
परिवार अब हर राह देख रहा है कि उनकी बेटी किसी तरह सकुशल घर लौटे।

राजनीतिक हस्तक्षेप और सीबीआई जांच की मांग

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बयान जारी कर कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो राज्य सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी। वहीं, रघुवंशी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक अपनी बात पहुंचाई।

शिवराज सिंह ने इसे “मध्य प्रदेश की भांजी” का मामला बताते हुए सोनम के भाई गोविंद को व्यक्तिगत आश्वासन दिया कि वे हर स्तर पर मदद करेंगे। अमित शाह ने मेघालय के मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर मामले में गंभीरता से कार्रवाई का आग्रह किया है।

परिवार को चिंता—क्या सोनम सीमा पार भेज दी गई?

सोनम के पिता और परिवार को इस बात का डर है कि कहीं उसे मानव तस्करों द्वारा बांग्लादेश या किसी अन्य देश में बेच तो नहीं दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों से अपील की है कि इस कोण से भी मामले की जांच की जाए।

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