नई दिल्ली। भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 280(1) के तहत गठित 16वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रपति को सौंप दी है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने शुक्रवार (17 नवंबर 2025) को राष्ट्रपति भवन में यह रिपोर्ट पेश की। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती ऐनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, टी. रबी शंकर, डॉ. सौम्या कांति घोष तथा सचिव ऋत्विक पाण्डेय भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपने के बाद आयोग ने इसकी एक-एक प्रति प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को भी दी।
आयोग को विचारार्थ विषयों (ToR) के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले पांच वर्षों के लिए संघ और राज्यों के वित्तीय ढांचे का मूल्यांकन कर सिफारिशें देने का दायित्व सौंपा गया था। इसमें शामिल प्रमुख बिंदु थे—
- संघ और राज्यों के बीच करों की शुद्ध प्राप्तियों का बंटवारा,
- राज्यों के बीच हिस्सेदारी का निर्धारण,
- राज्यों को अनुदान सहायता,
- आपदा प्रबंधन ढांचे और वित्तपोषण व्यवस्था की समीक्षा आदि।
अपने विस्तृत अध्ययन के दौरान आयोग ने—
- केंद्र और राज्यों के वित्तीय आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया,
- केंद्र व राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों, पूर्व वित्त आयोगों के अध्यक्षों व सदस्यों,
- प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, बहुपक्षीय एजेंसियों और विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श किया।










