छत्तीसगढ़ में नई धान खरीदी नीति तैयार — ‘तुहर ऐप’ से मिलेगा ऑनलाइन टोकन, छोटे किसानों को प्राथमिकता

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए नई धान खरीदी और कस्टम मिलिंग नीति तैयार कर ली है। यह नीति जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखी जाएगी। मंजूरी मिलते ही इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।


🔹 1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया 1 नवंबर 2025 से प्रारंभ होने की संभावना है।
इस बार सरकार का फोकस पारदर्शिता, सुविधा और तकनीक आधारित व्यवस्था पर रहेगा, ताकि किसानों को लाइन और अव्यवस्था से राहत मिल सके।


🔹 “तुहर ऐप” से ऑनलाइन टोकन की सुविधा

अब किसानों को धान बेचने के लिए टोकन पाने के लिए केंद्रों में लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
सरकार द्वारा विकसित “तुहर ऐप” के माध्यम से किसान ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
टोकन में दर्ज तिथि के अनुसार किसान अपने निर्धारित दिन पर धान उपार्जन केंद्र में फसल बेच सकेंगे।


🔹 छोटे किसानों को मिलेगी प्राथमिकता

नई नीति के तहत 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को धान विक्रय का पहला अवसर दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम छोटे और सीमांत किसानों को सशक्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


🔹 मिलर्स को मिली 15 दिन की राहत

धान मिलिंग करने वाले मिलरों को अब डिलीवरी ऑर्डर (DO) मिलने के बाद धान उठाने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा — जो पहले 10 दिन था।
इसके अलावा प्रत्येक क्विंटल धान की मिलिंग पर ₹80 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे मिलरों को समय पर काम पूरा करने में सुविधा होगी।


🔹 सोसाइटियों को मिलेगा बोनस

जिन सहकारी समितियों में खरीदे गए धान में सूखत (नमी की कमी) बिल्कुल नहीं होगी, उन्हें ₹5 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा।
पिछले साल यह बोनस रोका गया था, लेकिन इस वर्ष इसे दोबारा लागू किया जा रहा है।


🔹 उपार्जन केंद्रों की संख्या नहीं बढ़ेगी

इस बार राज्य सरकार ने नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की योजना को स्थगित कर दिया है।
वर्तमान में संचालित केंद्रों से ही खरीदी की जाएगी, जिससे दूरस्थ इलाकों के किसानों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।


🔹 वनाधिकार पट्टा धारकों की फसलों का होगा सत्यापन

राज्य में जिन किसानों के पास वनाधिकार पट्टा है, उनकी फसलों का 100% सत्यापन खाद्य विभाग द्वारा किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र किसानों को ही खरीदी का लाभ मिले।


मुख्य बिंदु:

  • खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए नई धान खरीदी नीति तैयार
  • 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होगी
  • “तुहर ऐप” से मिलेगा ऑनलाइन बिक्री टोकन
  • छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता
  • मिलर्स को DO के बाद 15 दिन की राहत, ₹80 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन
  • सोसाइटियों को नमी रहित धान पर ₹5 बोनस
  • नए उपार्जन केंद्र नहीं खुलेंगे
  • वनाधिकार पट्टा धारकों की फसलों का 100% सत्यापन
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