सुबह 3 बजे काउंसिलिंग! बिलासपुर DEO के आदेश पर मचा बवाल, शिक्षक हैरान

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बिलासपुर (छत्तीसगढ़) – जिला शिक्षा कार्यालय बिलासपुर (DEO Bilaspur) द्वारा अतिशेष शिक्षकों (Surplus Teachers) के समायोजन को लेकर जारी नई समय-सारिणी अब विवादों में घिर गई है। कारण है – काउंसिलिंग का असामान्य समय।

जारी आदेश के अनुसार, 4 जून को तीन चरणों में समायोजन काउंसिलिंग आयोजित की जानी है। इसमें हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य, व्याख्याता, विज्ञान सहायक, शिक्षक, लिपिक और भृत्यों को सुबह 3 बजे काउंसिलिंग में बुलाया गया है।

तीन चरणों में तय की गई काउंसिलिंग – लेकिन एक समय चर्चा में

प्रथम चरण: सुबह 10 बजे – प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठक व सहायक शिक्षक

द्वितीय चरण: हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूल स्टाफ – सुबह 3 बजे, लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम, सिम्स के सामने

तृतीय चरण: इसी दिन अन्य शेष पदाधिकारियों के लिए

टाइपो या अव्यवस्था? शिक्षकों में भ्रम और नाराजगी

शिक्षक समुदाय आदेश को लेकर भ्रमित है। कई शिक्षकों ने सुबह 3 बजे तय समय को “प्रशासनिक गलती” (टाइपो) बताया है, तो कुछ ने इसे “व्यवस्थागत लापरवाही” करार दिया है।

शिक्षकों का कहना है कि वे इस समायोजन प्रक्रिया का महीनों से इंतजार कर रहे थे, लेकिन इस तरह का समय निर्धारण न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले शिक्षकों के लिए अनुचित भी है।

DEO कार्यालय से अब तक नहीं आई स्पष्टता

समय निर्धारण को लेकर उठे सवालों के बावजूद अभी तक जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से कोई स्पष्टीकरण या संशोधित आदेश सामने नहीं आया है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है – क्या यह सच में टाइपो है या फिर शिक्षक समुदाय को वाकई में सुबह 3 बजे काउंसिलिंग के लिए आना होगा?

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