Dilli Mein Pradushan : दिल्ली सरकार और MCD कार्यालयों के समय में बदलाव, ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने की पहल

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नई दिल्ली, 8 नवंबर। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण (Dilli Mein Pradushan) की चिंताओं के बीच, दिल्ली सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। आने वाले सप्ताह से दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (MCD) के कार्यालयों के समय में परिवर्तन किया जाएगा, ताकि यातायात का दबाव समान रूप से वितरित हो और प्रदूषण के स्तर में कमी लाई जा सके।


ट्रैफिक लोड को संतुलित करने के लिए समय में बदलाव

वर्तमान में दिल्ली सरकार और एमसीडी के कार्यालयों के खुलने के समय में केवल 30 मिनट का अंतर है। इस कारण सुबह और शाम दोनों समय शहर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ देखने को मिलती है। यही भीड़ वायु गुणवत्ता को और बिगाड़ रही है।


नया कार्यालय समय: 15 नवंबर से प्रभावी

सर्दियों के मौसम (15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026) के लिए प्रस्तावित नए कार्यालय समय इस प्रकार हैं —

  • दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक
  • दिल्ली नगर निगम (MCD) के कार्यालय: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक

यह बदलाव राजधानी के परिवहन भार को दो हिस्सों में बाँटेगा, जिससे ट्रैफिक के चरम समय में वाहनों की संख्या कम रहेगी और प्रदूषण का स्तर घटने की उम्मीद है।


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की घोषणा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि “दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए केवल तकनीकी उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि हमें अपने कार्य समय और जीवनशैली में भी बदलाव लाने होंगे। सरकार का यह कदम प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक व्यवहारिक समाधान है।”


CPCB की रिपोर्ट में बढ़ते प्रदूषण का खुलासा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा संचालित समीर ऐप के अनुसार शुक्रवार को शहर के 38 निगरानी केंद्रों में से 29 पर वायु गुणवत्ता “बेहद खराब” श्रेणी में दर्ज की गई।
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 300 के पार पहुँच गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर स्तर माना जाता है।


सरकार ने की अपील – नागरिक भी निभाएं जिम्मेदारी

सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे निजी वाहनों का उपयोग कम करें, कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें। साथ ही, खुले में कचरा जलाने और निर्माण स्थलों पर धूल फैलाने से बचने की सलाह दी गई है।

 

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