फर्जी नंबर प्लेट और धोखाधड़ी सहित कई गंभीर मामलों में कार्रवाई तेज
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को विवादित कथित संत बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को तिहाड़ जेल परिसर के भीतर से ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस फेक नंबर प्लेट मामले से जुड़ी है, जिसमें उन पर अपनी लग्जरी कारों पर विदेशी दूतावास (एंबेसी) के फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप है। पुलिस के अनुसार, चैतन्यानंद लंबे समय से नकली नंबरों का उपयोग कर कानून को गुमराह कर रहा था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने तिहाड़ जेल प्रशासन की मौजूदगी में उससे पूछताछ की और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे दोबारा अपनी गिरफ्त में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा मामला सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और एंबेसी के नाम पर जारी फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
वहीं, चैतन्यानंद सरस्वती पहले से ही तिहाड़ जेल में बंद था। उस पर दिल्ली के वसंत कुंज स्थित ‘श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट’ के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज है। आरोप है कि उसने संस्थान को आर्थिक रूप से ठगने के अलावा वहां पढ़ने वाली कई छात्राओं के साथ छेड़खानी और यौन उत्पीड़न भी किया।
छात्राओं ने आरोप लगाया है कि चैतन्यानंद ने आध्यात्मिक गुरु होने का हवाला देकर अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया। इन शिकायतों के आधार पर वसंत कुंज थाना पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया हुआ है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि चैतन्यानंद के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और फर्जी नंबर प्लेट मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद उससे कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलने की उम्मीद है। फ़िलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में ही है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा।










