फेफड़ों में पानी भरने की समस्या को मेडिकल भाषा में पल्मोनरी एडिमा (Pulmonary Edema) कहा जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें फेफड़ों के एयर सैक (एल्यूलाई) में अत्यधिक तरल जमा होने लगता है। इसके कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और व्यक्ति को सांस लेने में भारी परेशानी होती है। आम तौर पर लोग इसे फेफड़ों में पानी भरना कहते हैं।
कैसे होती है यह समस्या?
अधिकतर मामलों में दिल की बीमारियों के कारण फेफड़ों में तरल भरना शुरू हो जाता है, लेकिन इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं—
- न्यूमोनिया
- कुछ जहरीले तत्वों या टॉक्सिन का असर
- दवाओं के रिएक्शन
- सीने में गंभीर चोट
- ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ी एक्सरसाइज करना
पल्मोनरी एडिमा एक मेडिकल इमरजेंसी है। यह अचानक भी हो सकती है और कभी–कभी धीरे-धीरे लंबे समय में विकसित होती है। इसकी गति के आधार पर इसका प्रकार तय होता है।
फेफड़ों में पानी भरने के प्रमुख लक्षण
फेफड़ों में तरल की मात्रा बढ़ने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है:
- सांस लेने में लगातार बढ़ती समस्या, खासकर लेटने पर ज्यादा तकलीफ
- ऐसा महसूस होना मानो दम घुट रहा हो
- तेज खांसी, जिसमें बलगम या कभी-कभी खून मिला हुआ दिखाई दे सकता है
- सांसों की रफ्तार अचानक बढ़ जाना
- दिल की धड़कन तेज होना
- त्वचा का ठंडा पड़ जाना
- सांस लेते या बोलते समय वेजिंग या आवाज आना
- रात में अचानक नींद टूट जाना
- कमजोरी महसूस होना
- खांसी बढ़ती जाना
- शरीर का वजन तेजी से बढ़ना
- पैरों और तलवों में पसीना आना









