जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट को लेकर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया है कि यह घटना किसी आतंकी हमले का परिणाम नहीं, बल्कि एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा थी। उन्होंने बताया कि विस्फोट फरीदाबाद से बरामद 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट के कारण हुआ, जिसे पिछले दो दिनों से खुले स्थान पर रखकर सैंपलिंग की जा रही थी।
DGP के अनुसार, अचानक हुए इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए हैं। हादसे में पुलिस स्टेशन के कई हिस्से ध्वस्त हो गए और वहां खड़े कई वाहन जलकर नष्ट हो गए।
क्यों लाया गया था विस्फोटक पदार्थ?
DGP प्रभात ने बताया कि हरियाणा के फरीदाबाद में हाल ही में एक टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली थी। चूंकि इस मॉड्यूल का खुलासा जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया था, इसलिए बरामद अमोनियम नाइट्रेट को जांच के लिए नौगाम पुलिस स्टेशन भेजा गया था। इसी थाने में टेरर मॉड्यूल से जुड़े मामलों के प्राथमिकी भी दर्ज थे।
पिछले दो दिनों से FSL और SIA की संयुक्त टीम इसका परीक्षण कर रही थी, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया।
मृतकों की पहचान
विस्फोट में जिन 9 लोगों की जान गई, उनमें शामिल हैं—
- 1 SIA अधिकारी
- FSL के 3 कर्मचारी
- 2 क्राइम फोटोग्राफर
- 2 राजस्व अधिकारी
- 1 दर्जी
घायल पुलिसकर्मियों और नागरिकों का इलाज अस्पतालों में जारी है।
जांच जारी, पुलिस ने जताया दुख
DGP ने कहा कि हादसे के कारणों की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है और किसी की भी लापरवाही की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग इन परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।









