सारंगढ़-बिलाईगढ़। स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के लातनाला माधोपाली पुल पर आई तेज बाढ़ में बह गई कार का चार दिन बाद पता चल गया। लगातार चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के बाद राहत एवं बचाव दल ने कार को नदी से बाहर निकाला। कार के भीतर चालक देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी के शव बरामद हुए। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि हादसे के बाद से जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा राहत दल संयुक्त रूप से लगातार खोज अभियान में जुटे हुए थे। तेज जलधारा, गहरी नदी और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा। आखिरकार चार दिन की कड़ी मशक्कत के बाद कार और उसमें सवार दंपती का पता लगाया जा सका।

जब राहत दल ने कार को नदी से बाहर निकाला और उसमें दंपती के शव मिले, तो घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने राहत एवं बचाव टीम के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए दिवंगत दंपती को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह दर्दनाक हादसा बरसात के मौसम में उफनती नदियों, नालों और पुलों को पार करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की एक गंभीर चेतावनी भी है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि बाढ़ या तेज बहाव की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।








