500% सैलरी हाइक के साथ गूगल में मिली जगह, TCS से की थी शुरुआत
नई दिल्ली। सीमित संसाधनों और कठिनाइयों के बावजूद अगर हौसला बुलंद हो, तो कोई भी मंज़िल नामुमकिन नहीं। सागर कुमार की कहानी इसका सशक्त उदाहरण है। एक टीयर-3 कॉलेज से ग्रेजुएशन करने वाले सागर ने अपने करियर की शुरुआत TCS Ninja में 3.3 LPA के ऑफर के साथ की, लेकिन उनकी उड़ान यहीं थमने वाली नहीं थी।
पहली जीत: डिजिटल कैपेबिलिटी से TCS में मिला बेहतर रोल
शुरुआत में ही उन्होंने TCS Digital Capability Assessment पास कर 7.4 LPA पैकेज वाला डिजिटल रोल हासिल किया। तीन साल तक TCS में काम करते हुए उन्होंने बेहतरीन प्रोजेक्ट्स पर योगदान दिया और कई पुरस्कार भी जीते। लेकिन सागर जानते थे कि उनकी मंज़िल इससे कहीं आगे है।
बड़ी कंपनियों में एंट्री की कठिन राह
बड़ी टेक कंपनियों में जगह बनाने का सपना हर युवा देखता है, लेकिन टीयर-3 कॉलेज के बैकग्राउंड से आने वाले सागर के लिए यह राह आसान नहीं थी। DSA और Competitive Programming की कमी उन्हें खलती थी। उन्होंने LinkedIn, Wellfound और Glassdoor जैसे प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए 500 से ज्यादा कंपनियों में आवेदन किया, लेकिन लगातार असफलता मिली।
ना रुकने वाला जज़्बा: बदली रणनीति, बढ़ाया आत्मविश्वास
सागर ने अपने रिज्यूमे को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से Topmate जैसे प्लेटफॉर्म्स पर रिव्यू कराया। साथ ही, LinkedIn पर टॉप कंपनियों के इंजीनियर्स से कनेक्ट कर रेफरल और गाइडेंस लिया। TCS की नौकरी के साथ ही उन्होंने DSA की तैयारी शुरू की, मॉक इंटरव्यू और शेड्यूल्ड प्रैक्टिस से खुद को मज़बूत किया।
पहला झटका और बड़ी सीख
नौ महीने पहले उन्हें गूगल से एक कॉल आया। स्क्रीनिंग राउंड मिला लेकिन तैयारी अधूरी थी, और वह यह मौका गंवा बैठे। पर इस झटके ने उन्हें और मजबूत बना दिया। उन्होंने इस असफलता को सीख में बदला।
दूसरा मौका और सफलता की कहानी
दो महीने पहले, एक दोस्त ने उन्हें गूगल में दोबारा रेफर किया। इस बार सागर पूरी तैयारी के साथ उतरे। स्क्रीनिंग राउंड पार किया, फिर तीन कठिन टेक्निकल राउंड्स को भी सफलता से पार कर लिया। नतीजा – गूगल में चयन, और 500% सैलरी हाइक।
एक प्रेरणा, एक मिसाल
सागर कुमार की यह यात्रा न केवल सफलता की कहानी है, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में भी बड़ा सपना देख रहे हैं। सागर ने साबित कर दिया कि कॉलेज नहीं, आपका जुनून और निरंतर प्रयास ही असली पहचान बनाते हैं।










