छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन बिलासपुर–उरगा फोरलेन एक्सप्रेस-वे के कार्य में एक बार फिर तेजी आ गई है। ढेका क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे भूमि मुआवजा विवाद के सुलझने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को हर हाल में जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
400 मीटर का हिस्सा बना था सबसे बड़ी बाधा
करीब 1,520 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह फोरलेन सड़क बिलासपुर को कोरबा से जोड़ती है। सड़क का अधिकांश हिस्सा लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन ढेका क्षेत्र में करीब 400 मीटर का हिस्सा लंबे समय से परियोजना में बाधा बना हुआ था। आउटर ढेका में जमीन अधिग्रहण और फर्जी बटांकन के चलते मामला संभागायुक्त न्यायालय तक पहुंच गया था।
साजिश का पर्दाफाश, दोबारा शुरू हुआ निर्माण कार्य
जांच के बाद सच्चाई सामने आने पर मशीनों ने फिर से काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही फोरलेन परियोजना की रफ्तार तेज हो गई है और अब तय समयसीमा में काम पूरा करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
भारतमाला प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाला 70 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 130ए क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगा। ग्राम ढेका से उरगा तक फैला यह मार्ग खासतौर पर कोयला परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों का बयान
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि संशोधित अवार्ड के बाद अब पारदर्शी तरीके से केवल 1.16 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरण किया जा रहा है। इस मार्ग के शुरू होने से बिलासपुर और कोरबा के करीब पांच लाख लोगों को सुगम यातायात सुविधा मिलेगी। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरेंगे, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।








