स्वराज जायसवाल ✍️
छोटे हाथों से बड़ा संदेश — पर्यावरण बचाने की मुहिम में स्कूली बच्चों का सराहनीय योगदान
“क्रिएटिव माइंड” और “ARS ट्यूशन क्लासेस” के बच्चों ने स्मृति वन में किया सामूहिक वृक्षारोपण
मासूमों की हरियाली को समर्पित सोच से मिली पर्यावरण संरक्षण की अनूठी प्रेरणा
बिलासपुर। बिलासपुर के स्मृति वन में आज का दृश्य बेहद प्रेरणादायक रहा, जब क्रिएटिव माइंड प्री स्कूल एंड डे-केयर सेंटर और ARS ट्यूशन क्लासेस के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ ने मिलकर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत सामूहिक वृक्षारोपण किया।
बच्चों के हाथों में कल का भविष्य
जहां एक ओर शासन-प्रशासन द्वारा पेड़ों की कटाई की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं, वहीं इन नन्हें पर्यावरण प्रेमियों ने हरियाली को बचाने का बड़ा संदेश दिया। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मनिर्भरता के साथ पौधे लगाए, जिससे यह संदेश मिला कि पर्यावरण रक्षा की शुरुआत घर और स्कूल से ही होती है।
पेड़ – जीवन के सच्चे रक्षक
इस अवसर पर स्टाफ ने बताया कि आज एक पेड़ की कीमत 100 बेटों के बराबर मानी जाती है। ये न केवल ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि हमारे जीवन चक्र के लिए भी अनिवार्य हैं। वृक्षों की मौजूदगी वर्षा लाती है, जलस्तर बढ़ाती है, और जीव-जंतुओं के लिए आश्रय बनती है।
प्रकृति से नाता जोड़ते ये नन्हे सपूत
बच्चों की पर्यावरण के प्रति जागरूकता, पेड़ लगाने में उनकी ललक और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता देखकर हर कोई भावुक हो गया। इन मासूमों ने यह साबित कर दिया कि हरियाली की रक्षा सिर्फ बड़ों की नहीं, बचपन की भी जिम्मेदारी है।
“पेड़ काटना है नादानी, ये लाते हैं बरखा का पानी!”
इस भाव को आत्मसात कर यदि हर बच्चा एक पेड़ लगाए, तो आने वाली पीढ़ियों को हरियाली और जीवन दोनों विरासत में मिलेगा।









