जनभागीदारी को मिली नई उड़ान: ‘मन की बात’ बना जन-जन की प्रेरणा का राष्ट्रीय मंच

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छत्तीसगढ़/रायपुर

 

मुख्यमंत्री ने कहा—नवाचार, जनसरोकार और प्रेरक प्रयासों को देशभर में पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बना ‘मन की बात’, समाज को जोड़ने में निभा रहा अहम भूमिका

 

रायपुर, 26 अप्रैल 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, श्री अजय जामवाल, श्री अखिलेश सोनी, श्री रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

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