भानुप्रतापपुर, छत्तीसगढ़ – क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मंडावी शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ रेस्ट हाउस में कांकेर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर से मुलाकात के लिए इंतजार करती रहीं। लेकिन जब कलेक्टर बिना मिले ही वापस लौट गए, तो विधायक नाराज़ हो उठीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों पर जमकर गुस्सा उतारा।
विधायक मंडावी का कहना है कि उन्होंने अवैध खनन के गंभीर मसले पर चर्चा के लिए पहले ही कलेक्टर से समय तय कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद वे बिना मुलाकात किए लौट गए। इससे आहत विधायक ने भानुप्रतापपुर के एसडीएम और तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई और चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगी।
विधायक सावित्री मंडावी ने कहा, “इस तरह का व्यवहार मैंने पहले कभी नहीं देखा। एक आदिवासी महिला विधायक से मिलने से भी परहेज किया गया। यह न सिर्फ मेरा बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र के लोगों का अपमान है।”
इस पूरे घटनाक्रम पर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वे रेस्ट हाउस पहुंचे जरूर थे, लेकिन समयाभाव के कारण चर्चा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, “मैंने तहसीलदार के माध्यम से संदेश भिजवाया था कि विषयों पर आगे चर्चा की जाएगी। जिला मुख्यालय में आवश्यक कार्य होने के कारण मुझे लौटना पड़ा।”
इस टकराव ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला क्या मोड़ लेता है और अवैध रेत खनन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।








