एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन एवं संशोधन हेतु नई व्यवस्था लागू, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

Spread the love

प्रदेश के किसानों के हित में छत्तीसगढ़ शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन एवं संशोधन को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई है। शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं पटवारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के उपरांत अब समितियों के समिति लॉगिन में विभिन्न आवश्यक कार्यों का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को पंजीयन एवं विवरण सुधार में बड़ी सुविधा मिलेगी।

शासन द्वारा 07 जनवरी 2026 तक “विवरण संशोधन” का प्रावधान समस्त समितियों में समिति लॉगिन में उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अतिरिक्त खसरा एवं रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण की प्रविष्टि, नवीन पंजीयन तथा अन्य सभी आवश्यक संशोधन कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसान पोर्टल में कैरी फारवर्ड तथा वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों का नवीन पंजीयन 15 जनवरी 2026 तक किया जा सकेगा।

इसी अवधि में त्रुटिपूर्ण आधार कार्ड के प्रकरणों में पूर्व पंजीयन निरस्त कर नवीन पंजीयन की सुविधा भी दी गई है। वहीं, जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर नवीन पंजीयन भी 15 जनवरी 2026 तक किए जाएंगे। इसके अलावा किसानों से संबंधित सभी प्रकार के संशोधन, जैसे खसरा, रकबा, फसल विवरण एवं अन्य आवश्यक प्रविष्टियों में सुधार की प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 तक पूर्ण की जा सकेगी।

जिला प्रशासन ने सभी समितियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दें ताकि कोई भी पात्र कृषक पंजीयन या संशोधन से वंचित न रहे। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने नजदीकी समिति या लोक सेवा केंद्र से संपर्क कर अपने अभिलेखों का सत्यापन एवं आवश्यक सुधार अवश्य कराएं, जिससे खरीफ एवं रबी विपणन वर्ष में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

  • Related Posts

    “कारीगर मंत्रालय की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ में बड़ा मंथन, बस्तर के शिल्पकारों ने उठाई आवाज; गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान”

    Spread the love

    Spread the love    भिलाई-चरौदा में प्रदेश स्तरीय बैठक में बनी रणनीति, बस्तर के कारीगरों ने बताई अपनी पीड़ा; गांव-गांव तक अभियान पहुंचाने का संकल्प भिलाई-चरौदा, 20 सितंबर। पीढ़ियों से…

    राष्ट्रीय कारीगर आंदोलन में छत्तीसगढ़ की बड़ी जिम्मेदारी, कृष्णा प्रजापति के हाथों में जमीनी अभियान की कमान

    Spread the love

    Spread the love  रायपुर/छत्तीसगढ़। विशेष रिपोर्ट।     31 अक्टूबर को कन्याकुमारी में जुटेंगे 29 राज्यों के प्रतिनिधि, कारीगर मंत्रालय की मांग को लेकर बनेगी राष्ट्रीय रणनीति भारत के लाखों…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    error: Content is protected !!