बिलासपुर। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
बिलासपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बिलासपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जन्माष्टमी के अवसर पर बिलासपुर के विभिन्न स्थानों से भव्य रैलियां निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त, युवा, महिलाएं और श्रद्धालु शामिल हुए। चारों ओर “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय नजर आया।

दुकालू यादव की प्रस्तुति ने जीता श्रद्धालुओं का दिल
जन्माष्टमी के विभिन्न आयोजनों में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक एवं भजन गायक दुकालू यादव की शानदार प्रस्तुति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और भक्ति से जुड़े छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं में जोश और भक्ति का संचार किया।
दुकालू यादव की मधुर आवाज और लोकगीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने भक्ति गीतों के साथ जमकर उत्साह मनाया और पूरा माहौल राधे-राधे तथा जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।

रैलियों में उमड़ा आस्था का सैलाब
बिलासपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में निकली जन्माष्टमी रैलियों में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां, भक्ति गीत, जयकारे और धार्मिक उत्साह देखने को मिला। युवाओं में विशेष उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए रैली में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
शहर के विभिन्न मार्गों से होकर निकली इन रैलियों ने बिलासपुर को पूरी तरह कृष्णमय कर दिया। जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और भगवान श्रीकृष्ण की झांकियों के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
भक्ति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ी रंग का संगम
इस वर्ष की जन्माष्टमी के आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपरा की खूबसूरत झलक भी देखने को मिली। लोक कलाकारों और भक्ति संगीत ने पर्व के उत्साह को और बढ़ा दिया।
दुकालू यादव की प्रस्तुति और शहर के विभिन्न हिस्सों में निकली भव्य रैलियों ने जन्माष्टमी पर्व को यादगार बना दिया। श्रद्धालुओं के उत्साह ने यह साबित कर दिया कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रति बिलासपुरवासियों की आस्था और भक्ति कितनी गहरी है।
बिलासपुर में जन्माष्टमी का यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, संगीत और सामाजिक एकता का भव्य संगम बनकर सामने आया।








