भोर की पहली किरणों के साथ आज पूरे छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का इंतज़ार खत्म हो गया। राज्यभर के उपार्जन केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री साय ने इसे किसानों की कड़ी मेहनत और सरकार पर उनके भरोसे का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धान खरीदी को पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए जिलों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था को और आधुनिक बनाया गया है। तुंहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन प्रणाली, सतर्क ऐप और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसे तकनीकी साधनों के जरिए पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और दक्ष बनाया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों का अटूट विश्वास ही राज्य की प्रगति की असली शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा उसके किसान हैं, और धान खरीदी की शुरुआत उनके परिश्रम को सम्मान देने का अवसर है। खरीदी के प्रारंभ होते ही प्रदेशभर में किसानों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
सरकार का दावा है कि इस बार की धान खरीदी पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की समृद्धि की यह यात्रा आज एक नई उम्मीद और किसानों के भरोसे की रोशनी के साथ आगे बढ़ रही है।








