कोरबा पाली : जब जिम्मेदार विभागों ने आंख मूंद ली, तब ग्राम पंचायत हरनमुड़ी की सरपंच श्रीमती मथुरा नानू जगत ने वह कर दिखाया जो एक सच्चे जनप्रतिनिधि का कर्तव्य होता है। गांव की जर्जर सड़क की हालत देखकर उन्होंने प्रशासन से कोई मदद न मिलने पर निजी खर्च से करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत करवा दी। अब यह रास्ता एक बार फिर से आवागमन योग्य हो गया है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
हरनमुड़ी गांव की यह मुख्य सड़क, जो ग्राम को मुख्य मार्ग से जोड़ती है, काफी समय से जर्जर हालत में थी। बड़े-बड़े गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण लोगों का चलना दूभर हो गया था। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी – न केवल पैदल चलना मुश्किल हो जाता था, बल्कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
ग्रामवासियों की लगातार मांग के बाद सरपंच मथुरा जगत ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से कई बार सड़क मरम्मत की गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अंततः, जनता की पीड़ा को देखते हुए उन्होंने अपने स्तर पर ही सड़क की मरम्मत कराने का निर्णय लिया।
ग्राम के पंचों और ग्रामीणों के सहयोग से उन्होंने बिना किसी सरकारी फंड के इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। अब ग्रामीण न केवल सहज रूप से आवाजाही कर पा रहे हैं, बल्कि इस सकारात्मक पहल की जमकर सराहना भी कर रहे हैं।
सरपंच श्रीमती जगत ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। बार-बार मांग के बावजूद जब प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उन्होंने खुद पहल करते हुए यह जिम्मेदारी निभाई।
इस पहल को देखकर अन्य पंचायतों के लिए भी यह एक मिसाल बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आगे भविष्य में ऐसी समस्याओं की अनदेखी न हो और हरनमुड़ी की सड़क के स्थायी पुनर्निर्माण की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएं।








