बिलासपुर। जिले में बारिश के मौसम के बावजूद रेत की अवैध खुदाई और भंडारण जोरों पर है, वहीं आम जनता को रेत बेहद महंगे दामों पर मिल रही है। इस मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में कार्यकर्ता आज दोपहर 3 बजे अरपा नदी में जल सत्याग्रह करेंगे।
जिलाध्यक्ष केशरवानी ने आरोप लगाया कि रेत माफियाओं को प्रशासन और खनिज विभाग का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि 15 जून से रेत की खुदाई पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद जिले की नदियों, खासकर अरपा में रात के अंधेरे में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। इस रेत को शहर के विभिन्न हिस्सों में डंप कर ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है।
माफिया कर रहे कीमत तय, जनता हो रही परेशान
केशरवानी ने कहा, “रेत की कीमतें सरकार नहीं, माफिया तय कर रहे हैं। आम जनता शोषण का शिकार हो रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। बलरामपुर में एक कांस्टेबल की हत्या माफिया के ट्रैक्टर से कुचल कर कर दी गई थी, इससे उनके दुस्साहस का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।”
उन्होंने बताया कि बिलासपुर में भी हालात भयावह हैं, जहां लोग माफियाओं के डर से शिकायत करने से भी हिचकिचा रहे हैं। रेत का कारोबार अब पारदर्शिता से कोसों दूर चला गया है।
खनिज विभाग पर मिलीभगत के आरोप
जिलाध्यक्ष ने खनिज विभाग के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी केवल डंपिंग स्थल पर कार्रवाई दिखाकर वाहवाही लूट रहे हैं, जबकि खुदाई स्थल को नजरअंदाज कर दिया जाता है। “जब नदियों से खुदाई ही नहीं हो रही, तो रेत डंप कहां से आ रही है?” उन्होंने सवाल उठाया।
जरूरतमंदों को रियायती दर पर रेत देने की मांग
कांग्रेस ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और राज्य सरकार से मांग की है कि जब्त की गई रेत को जरूरतमंदों को रियायती दरों पर मुहैया कराया जाए। इससे निर्माण कार्यों में लगे लोगों को राहत मिलेगी और माफिया तंत्र को बड़ा झटका लगेगा।
जल सत्याग्रह के जरिए जताया जाएगा विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी आज दोपहर अरपा नदी में जल सत्याग्रह कर सरकार को चेतावनी देंगे कि यदि जल्द रेत माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई और रेत की कीमतों को नियंत्रित नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।








