दुबई एयर शो 2025 के दौरान एलसीए तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने में शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर रविवार सुबह कोयंबटूर के सुलूर एयर बेस लाया गया। भारतीय वायुसेना (IAF) का विशेष विमान उनके पार्थिव शरीर को भारत लेकर आया।
उधर अमीराती रक्षा बलों ने उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया।
भारतीय दूतावास ने दी श्रद्धांजलि
शुक्रवार को हुए इस हादसे में तेजस विमान तकनीकी गड़बड़ी के बाद दुर्घटनाग्रस्त होकर आग की चपेट में आ गया था, जिसमें विंग कमांडर स्याल वीरगति को प्राप्त हुए।
शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल और महावाणिज्य दूत सतीश सिवन ने उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी।
भारतीय वायुसेना ने बताया कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की जा रही है।
हिमाचल का लाल था देश का यह वीर
विंग कमांडर नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां के मूल निवासी थे। परिवार में उनकी पत्नी—जो स्वयं भी वायुसेना में अधिकारी हैं—उनकी छह वर्षीय बेटी और माता-पिता हैं।
दुर्घटना की खबर मिलते ही उनके गांव में शोक की लहर फैल गई। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों का पैतृक घर पर जुटना शुरू हो गया।
गांव में पसरा मातम
ग्रामीण मेहर चंद ने बताया, “हम सभी बेहद दुखी हैं। वह एक होनहार और बहादुर बेटा था, हमें उस पर गर्व है।”
इसी तरह निवासी मदन ने कहा, “यह विश्वास करना कठिन है कि इतना जीवंत और साहसी व्यक्ति अब हमारे बीच नहीं है। पूरा गांव गहरे सदमे में है।”









