विधानसभा में गूंजा सर्पदंश मुआवजा घोटाला, मृतकों के परिजनों को नहीं मिला पूरा भुगतान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सर्पदंश से हुई मौतों के मुआवजे में भारी गड़बड़ी का मामला विधानसभा में उठा। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिलासपुर और जशपुर जिलों में सर्पदंश से हुई 527 मौतों के बावजूद पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया। इस मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले का संदेह जताया गया है। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं।
बिलासपुर-जशपुर में सर्पदंश से 527 मौतें, लेकिन मुआवजा नहीं!
विधानसभा में सुशांत शुक्ला ने खुलासा किया कि जशपुर में 96 और बिलासपुर में 431 लोगों की सर्पदंश से मौत हुई। सरकार की मुआवजा योजना के तहत प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये दिए जाने थे, लेकिन अधिकांश पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं मिला।
करोड़ों के घोटाले का आरोप, जांच की मांग
सुशांत शुक्ला ने मुआवजा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि बिचौलियों और अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का गबन हुआ। उन्होंने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राजस्व मंत्री ने दिया जांच का आश्वासन
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में कहा कि सरकार मुआवजा वितरण प्रक्रिया की गहराई से जांच करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई तो दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश की गंभीर समस्या
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खेतों और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह गंभीर खतरा बना हुआ है। कई मामलों में समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन नहीं मिलने से मरीजों की मौत हो जाती है।
सरकार से उठी स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने की मांग
विधायक सुशांत शुक्ला ने सरकार से मांग की कि ग्रामीण इलाकों में एंटी-वेनम सीरम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और सर्पदंश से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।










