त्रालय के नाम पर 6 शिक्षकों का फर्जी स्थानांतरण, अवर सचिव ने दर्ज कराई शिकायत
नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में एक फर्जी स्थानांतरण आदेश सामने आने से हड़कंप मच गया है। यह आदेश महानदी मंत्रालय से जारी बताया जा रहा है, जिसमें 6 शिक्षकों और व्याख्याताओं का स्थानांतरण कर दिया गया। जब मामले की जांच हुई, तो यह आदेश फर्जी निकला, जिसके बाद अवर सचिव आर.पी. वर्मा ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
अवर सचिव ने बताया आदेश फर्जी, पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
1 मार्च को जारी इस फर्जी आदेश को लेकर अवर सचिव आर.पी. वर्मा ने शिक्षा संचालक दिव्या मिश्रा को पत्र लिखकर जानकारी दी कि उनके नाम से यह आदेश किसी ने फर्जी तरीके से जारी किया है। उन्होंने इसे पूरी तरह से अवैध बताते हुए इस पर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में उन्होंने राखी थाने में शिकायत दर्ज करवा दी है।

संबंधित अधिकारियों को भेजा गया पत्र
इस पत्र की प्रति संभागीय संयुक्त संचालकों और 9 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को भी भेजी गई है। जिन जिलों में शिक्षकों के स्थानांतरण किए गए, वे हैं:
✔ रायपुर
✔ कोंडागांव
✔ धमतरी
✔ कोरबा
✔ बेमेतरा
✔ बिलासपुर
✔ राजनांदगांव
✔ गरियाबंद
✔ दुर्ग
किन शिक्षकों का किया गया फर्जी स्थानांतरण?
फर्जी आदेश में इन शिक्षकों और व्याख्याताओं का स्थानांतरण किया गया था:
- गुलाबचंद सागर (केशकाल से करतला)
- हिना नायक (कुर्रा से रायपुरा)
- आशिमा साहू (नवागढ़ से बिलासपुर)
- अनामिका तिवारी (लिमतरा से कोटा)
- मनहरण लाल कुंभकार (मैनपुर से पाली)
- हेमंत कुमार (टांडा से उफरा)
शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की जांच शुरू
शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी इस फर्जीवाड़े के पीछे है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिक्षकों और अधिकारियों को ऐसे फर्जी आदेशों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध पत्राचार की तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।

🚨 अपील: अगर किसी शिक्षक या अधिकारी को संदेहास्पद ट्रांसफर आदेश मिलता है, तो वे तुरंत उच्च अधिकारियों से पुष्टि करें और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।










