शहर के सन सिटी इलाके में साइबर ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” का नाटक रचकर एक एनआरआई वृद्धा से 80 लाख रुपये हड़प लिए। अमेरिका से लौटी पीड़िता शीला सु बाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कॉल डिटेल्स के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली टीआई नंदकिशोर गौतम के अनुसार, पीड़िता के फोन पर एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए मनीलांड्रिंग जांच का हवाला दिया। इसके तुरंत बाद एक अन्य व्यक्ति ने “जांच अधिकारी” बनकर दोबारा संपर्क किया और कठोर स्वर में कहा कि जांच पूरी होने तक पीड़िता को अपने सभी बैंक खातों की राशि उनके बताए गए खातों में जमा करनी होगी।
धमकियों और भय के चलते शीला सु बाल ने अपने विभिन्न बैंक खातों से कुल 80 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बैंक कर्मचारियों ने उन्हें पैसे न भेजने की सलाह भी दी, लेकिन साइबर ठगों द्वारा पैदा किए गए डर की वजह से उन्होंने किसी की बात नहीं मानी।
रकम भेजने के बाद जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस से शिकायत की। अब कोतवाली पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉल करने वालों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉलर के दबाव में आकर अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।







