बिलासपुर। हरिहर ऑक्सीजोन परिवार द्वारा पर्यावरणीय एवं आध्यात्मिक अध्ययन यात्रा के तहत संयोजक भुवन वर्मा एवं अनिल टाह के नेतृत्व में 33 सदस्यीय दल ने पवित्र नगरी अमरकंटक की यात्रा की। यात्रा का उद्देश्य नक्षत्र वाटिका एवं नवग्रह वाटिका की संरचना और वास्तु सिद्धांतों का प्रत्यक्ष अध्ययन करना था।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुजनों ने माँ नर्मदा के तट पर स्थित नर्मदेश्वर मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसके उपरांत मृत्युंजय आश्रम में आयोजित भोग प्रसादी का सामूहिक रूप से ग्रहण किया गया। इसके पश्चात सभी ने अमरकंटक के प्रसिद्ध जैन मंदिरों में दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस अवसर पर दल ने सेवानिवृत्त एसडीओ (वन विभाग) श्री प्रदीप खत्री के निवास पर जाकर उनके द्वारा विकसित की गई वास्तु आधारित नक्षत्र वाटिका एवं नवग्रह वाटिका का निरीक्षण किया। श्री खत्री ने नक्षत्रों एवं ग्रहों के अनुसार पौधों की वैज्ञानिक और वास्तु संरचना पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
हैहरिहर ऑक्सीजोन परिवार की ओर से छत्तीसगढ़ में पहली बार वास्तु शास्त्र आधारित नक्षत्र एवं नवग्रह वाटिका निर्माण का संकल्प लिया गया है। इस हेतु संयोजक भुवन वर्मा और निर्मल घोष को विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि जुलाई माह तक वाटिका का ढांचा तैयार कर लिया जाए और 1 अगस्त से वृक्षारोपण कार्य प्रारंभ हो सके।
अंत में यात्रा दल ने जोहिला नदी के उद्गम स्थल, जलेश्वर महादेव एवं अमरेश्वर महादेव मंदिरों के दर्शन कर यात्रा का समापन किया।









