बिलासपुर रेलवे स्टेशन का बदलेगा स्वरूप, बन रहे चार नए प्लेटफॉर्म, यार्ड रीमॉडलिंग और यात्री सुविधाओं में बड़ा विस्तार

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बिलासपुर। जोनल स्टेशन के रूप में पहचान रखने वाला बिलासपुर रेलवे स्टेशन अब और आधुनिक एवं सुविधाजनक बनने जा रहा है। स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और ट्रेनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। इनमें से प्लेटफॉर्म नंबर 9 और 10 का निर्माण कार्य जोरों पर है, वहीं भविष्य में प्लेटफॉर्म नंबर 11 और 12 के निर्माण का भी प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

इन नए प्लेटफॉर्मों के निर्माण से झारसुगुड़ा की दिशा से आने वाली ट्रेनों को सीधे रेल ओवरब्रिज के माध्यम से उसलापुर की ओर भेजा जा सकेगा। इससे स्टेशन पर क्रॉस मूवमेंट की समस्या में कमी आएगी और ट्रेनों की समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

प्लेटफॉर्म और संचालन व्यवस्था में होगा सुधार
फिलहाल स्टेशन पर आठ प्लेटफॉर्म कार्यशील हैं। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर रोजाना आठ दैनिक ट्रेनों के साथ-साथ नौ साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक एवं त्रिसाप्ताहिक ट्रेनों का संचालन होता है। लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्लेटफॉर्म एक से संचालित कुछ ट्रेनों को उसलापुर स्थानांतरित कर दिया गया था, ताकि स्टेशन पर दबाव कम किया जा सके।

प्लेटफॉर्म एक से डाउन दिशा की और दो व तीन से अप व डाउन दोनों दिशाओं की ट्रेनें संचालित होती हैं। प्लेटफॉर्म चार और पांच से मुख्यतः अप दिशा की, जबकि छह, सात और आठ से यहां से प्रारंभ या समाप्त होने वाली ट्रेनों का संचालन होता है। एक ही दिशा की ट्रेनों के एकसाथ आने पर उन्हें अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लाना परिचालन की दृष्टि से अनिवार्य हो जाता है।

250 करोड़ की यार्ड रीमॉडलिंग और 392 करोड़ की पुनर्विकास योजना
बिलासपुर स्टेशन पर चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग प्रोजेक्ट की लागत 250 करोड़ रुपये है। इस योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए अत्याधुनिक ईआई पैनल सिस्टम की स्थापना की जा रही है। यह व्यवस्था ट्रेन संचालन को अधिक तेज, सुरक्षित और नियंत्रित बनाने में मदद करेगी।

यार्ड में फिलहाल 25 से अधिक रेल लाइनें मौजूद हैं, और तीन प्रमुख दिशाओं—कटनी, नागपुर और झारसुगुड़ा—की ओर ट्रेनों का भारी आवागमन होता है। इससे स्टेशन पर क्रॉस मूवमेंट की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है, जो समयबद्धता को प्रभावित करती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए तकनीकी रूप से सुदृढ़ यार्ड डिजाइन तैयार किया गया है।

इसके अतिरिक्त, 392 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास कार्य भी जारी है। इसमें 31 लिफ्ट और 21 एस्केलेटर जैसी यात्री सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को आधुनिक, सुलभ और आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सकेगा।


बिलासपुर रेलवे स्टेशन का यह विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण भविष्य की यात्री आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इससे न केवल परिचालन की दक्षता में इजाफा होगा, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर और सुव्यवस्थित सुविधाएं मिलेंगी।

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