चंदन व बांस के पौधों से हरिहर ऑक्सीजोन और अरपा तट को किया गया समर्पित, समाजसेवियों ने जताई प्रतिबद्धता
भीगते मौसम में भी देशभक्ति का जोश दिखा
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के पावन अवसर पर बिलासपुर इकाई द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में लगातार बारिश भी श्रद्धा को रोक नहीं पाई। पुराना बस स्टैंड चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धालुओं और पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

चंदन और बांस के पौधों से हरियाली का संदेश
कार्यक्रम के दूसरे चरण में हरिहर ऑक्सीजोन के संयोजक भुवन वर्मा के नेतृत्व में श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाटिका में चंदन के पौधों का रोपण किया गया। वहीं, अरपा नदी के तट पर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए देवशयनी एकादशी के शुभ दिन बांस के पौधों का रोपण कर नई शुरुआत की गई।
100 चंदन पौधों की घोषणा ने भरा ऊर्जा
हेमू नगर के वास्तु विशेषज्ञ एवं आर्किटेक इंजीनियर श्री चंदन गांगुली ने हरिहर ऑक्सीजोन में 100 चंदन के पौधे दान करने की घोषणा की। यह घोषणा पर्यावरण सरंक्षण में समाज की भागीदारी का प्रतीक बनी।
प्रमुख सामाजिक व चिकित्सा हस्तियों की रही भागीदारी
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष बिलासपुर प्राधिकरण एवं शोभा टाह फाउंडेशन के अनिल टाह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एल. सी. मढ़रिया, राष्ट्रीय विचार मंच के संगठन मंत्री राजेंद्र अग्रवाल, राष्ट्रीय सचिव एन. के. वर्मा, राष्ट्रीय सलाहकार निर्मल घोष, श्रीमती शेफाली घोष, श्री मदन मोहन अग्रवाल, सुब्रत बनर्जी और पंकज कुंभज सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सार्थक और प्रेरणादायक आयोजन
यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न होकर, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम बना। बारिश में भी हुए इस आयोजन ने यह साबित किया कि श्रद्धा और सेवा का कोई मौसम नहीं होता।










