नई दिल्ली । सोमवार रात पूरे भारत में साल का दूसरा और आख़िरी चंद्रग्रहण देखा गया। यह एक पूर्ण चंद्रग्रहण यानी ब्लड मून था, जो 82 मिनट तक चला। खगोल विज्ञान के लिहाज़ से यह बेहद खास अवसर रहा क्योंकि साल 2022 के बाद पहली बार इतना लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण भारत से दिखाई दिया।
जानकारी के अनुसार, चंद्रग्रहण रात 9 बजकर 56 मिनट पर शुरू हुआ और 1 बजकर 28 मिनट तक चला। कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट रही, जिसमें 82 मिनट तक पृथ्वी ने पूरी तरह से चांद को ढक लिया। इस दौरान चांद लाल-नारंगी रंग का दिखाई दिया, जिसे आमतौर पर ब्लड मून कहा जाता है।
कैसे होता है ब्लड मून?
दरअसल, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो उसकी छाया चांद पर पड़ती है। इसी वजह से चांद का रंग बदलकर लालिमा लिए नारंगी दिखाई देता है। यह दृश्य खगोल प्रेमियों के लिए अद्वितीय रहा।
2018 के बाद पहली बार पूरे देश से दिखाई दिया
विशेषज्ञों के मुताबिक, 27 जुलाई 2018 के बाद यह पहला मौका था जब पूरे भारत के हर हिस्से से पूर्ण चंद्रग्रहण देखा गया। लोग इसे नंगी आंखों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के देख सके। वहीं, टेलिस्कोप और दूरबीन की मदद से यह नजारा और भी साफ नज़र आया।
अन्य देशों में भी दिखा खगोलीय नजारा
भारत के अलावा यह खगोलीय घटना एशिया, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और यूरोप समेत कई हिस्सों में देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि एशिया और ऑस्ट्रेलिया में यह दृश्य सबसे देर तक और शानदार तरीके से दिखाई दिया क्योंकि उस समय वहां चांद आसमान में ऊंचाई पर था। वहीं, यूरोप और अफ्रीका के लोग इसे केवल चांद निकलते समय कुछ देर के लिए ही देख पाए।









