नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में हाल के दिनों में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद वहां की स्थिति भले ही फिलहाल शांत दिखाई दे रही हो, लेकिन भारत ने नेपाल से सटे अपने पूरे सीमा क्षेत्र पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। भारत-नेपाल की 1751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा के कारण नेपाल से भागे कैदियों का भारत में प्रवेश करना आसान हो सकता है। इसी आशंका को देखते हुए सीमा सशस्त्र बल (SSB) ने चौकसी बढ़ा दी है।
जेल तोड़कर भागे 15 हजार कैदी
8 सितंबर को नेपाल में भड़की हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई जेलों को निशाना बनाया। इस दौरान देशभर की 25 जेलों से करीब 15,000 कैदी फरार हो गए। इनमें कई कुख्यात अपराधी भी शामिल हैं।
सीमा पर सतर्क SSB, 66 कैदी पकड़े गए
सीमा सशस्त्र बल (SSB) ने अब तक 66 फरार कैदियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है, जिसे बिहार के किशनगंज सीमा से पकड़ा गया। बिहार के रक्सौल और नेपाल के वीरगंज के बीच खुली सीमा पर SSB के जवान दिन-रात गश्त कर रहे हैं।
SSB अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सशस्त्र बल (APF) ने फरार कैदियों की सूची साझा की थी। उसी आधार पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं। कई कैदी खुद को भारतीय नागरिक बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दस्तावेज न होने के कारण उनकी पहचान की पुष्टि की जा रही है।
फंसे भारतीय और नेपाली नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल में हिंसा के समय फंसे भारतीयों को हवाई मार्ग से सुरक्षित वापस भारत लाया गया। इसमें आम नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न प्रदेशों के नेता भी शामिल थे। सभी को सकुशल निकाल लिया गया।
इसी तरह भारत में रह रहे नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित नेपाल भेजा गया। बिहार में रह रहे 250 से ज्यादा नेपाली नागरिकों को SSB ने सकुशल नेपाल पहुंचाया। इसके अलावा भारत में पढ़ाई कर रहे 1000 से अधिक नेपाली मेडिकल छात्रों को भी वापस नेपाल भेजा गया।








