CBI की बड़ी कार्रवाई: भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के ठिकानों पर छापेमारी, महादेव सट्टा ऐप मामले में जांच तेज

Spread the love

रायपुर/भिलाई: छत्तीसगढ़ में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह छापे रायपुर और भिलाई में उनके आवासों पर मारे गए हैं। छापेमारी का संबंध महादेव सट्टा ऐप घोटाले, शराब घोटाले, और कोयला घोटाले से बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, CBI की टीम ने बघेल और उनके बेटे चेतन्य बघेल से पूछताछ भी की है।

सुबह-सुबह CBI की छापेमारी से सियासी हलचल

बुधवार सुबह CBI की टीम ने दिल्ली से पहुंचकर रायपुर और भिलाई में एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी।

  • पूर्व सीएम भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित घर पर छापा
  • विधायक देवेंद्र यादव के निवास पर CBI की कार्रवाई
  • पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और पत्रकार विनोद वर्मा के घर भी रेड
  • IPS अधिकारी अभिषेक पल्लव के घर भी CBI की टीम पहुँची

CBI ने इन ठिकानों से दस्तावेजों की जांच की और डिजिटल सबूतों को खंगाला। इस दौरान दोनों ही स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

महादेव सट्टा ऐप घोटाले में नई कड़ियां जुड़ीं

CBI की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य महादेव सट्टा ऐप घोटाले में नए सबूतों की तलाश बताया जा रहा है। इससे पहले भी इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की थी। CBI को कुछ नए दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर यह रेड की गई है।

सूत्रों के अनुसार, विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी महादेव सट्टा ऐप घोटाले में सामने आया है। इस घोटाले में करोड़ों रुपये के लेन-देन की बात सामने आ रही है, जिसकी जांच जारी है।

भूपेश बघेल ने बताया ‘राजनीतिक प्रतिशोध’

CBI की इस कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे भाजपा सरकार की साजिश बताया। उन्होंने कहा, “CBI और ED का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश हो रही है। यह जांच राजनीति से प्रेरित है। जनता सच्चाई जानती है और समय आने पर जवाब देगी।”

पुलिस बल तैनात, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश

CBI की इस छापेमारी के दौरान रायपुर और भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर स्थित बघेल के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

इससे पहले जब ED ने छत्तीसगढ़ में छापेमारी की थी, तब भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली थी।

CBI की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

CBI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि नए सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जल्द ही CBI की ओर से इस पर विस्तृत जानकारी दी जा सकती है।

 

 

Related Posts

मैनपाट के जंगल में भालू का हमला: खुखड़ी बीनने गई महिला गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर

Spread the love

Spread the love    सरगुजा/मैनपाट। विशेष रिपोर्ट।       सरगुजा/मैनपाट। 4 अगस्त 2026 आज जिले के मैनपाट क्षेत्र से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। सरभंजा ग्राम के डुमरगोड़ा…

करोड़ों रुपए के गबन के मामले में हाईकोर्ट ने दिया चालान पेश करने का आदेश

Spread the love

Spread the love    सरगुजा/अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट        चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर लिमिटेड अंबिकापुर एवं ठेकेदार प्रभोजत सिंह भल्ला के विरुद्ध कोतवालीअंबिकापुर में दर्ज है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!