छत्तीसगढ़ी फिल्म मैं राजा तैं मोर रानी 4 जुलाई से सिनेमाघरों में मचाएगी धमाल

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छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर धमाकेदार एंट्री करने जा रही है एक नई और जबरदस्त प्रस्तुति “मैं राजा तैं मोर रानी”, जिसका भव्य शुभारंभ 4 जुलाई 2025 से आपके नजदीकी सिनेमाघरों में होने जा रहा है। यह फिल्म न केवल मनोरंजन का एक बेहतरीन साधन है, बल्कि छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति और समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास भी है। इस फिल्म को मोहन सुंदराानी ने प्रस्तुत किया है, जबकि इसका लेखन भूपेन्द्र चंदनियाँ ने किया है।

फिल्म के निर्माता विजय सुंदरानी हैं और निर्देशन की बागडोर हितेन्द्र सुंदरानी के हाथों में हैं। पोस्टर में नजर आ रही झलक साफ तौर पर दर्शाती है कि फिल्म में एक्शन, इमोशन, रोमांस, ड्रामा और सामाजिक संदेश का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा। मुख्य अभिनेता का खून से सना चेहरा, गुस्से से भरी आंखें और दृढ़ता से खड़ा किरदार एक गहरी कहानी की ओर संकेत करता है। वहीं नायिका का भोला और मासूम चेहरा इस फिल्म में प्रेम की कोमलता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। खलनायकों के चेहरे पर क्रोध, हाथों में हथियार और तीखे एक्सप्रेशन इस बात का संकेत हैं कि कहानी में ट्विस्ट और टर्न्स की भरमार होगी।

“मैं राजा तैं मोर रानी” सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है, यह एक ऐसे युवा की कहानी है जो अपने आत्मसम्मान, प्यार और परिवार की रक्षा के लिए हर सीमा पार कर जाता है। यह फिल्म छत्तीसगढ़ी समाज की असल भावनाओं, उनके संघर्षों और उनके अपनापन को सजीव करती है। साथ ही यह फिल्म सामाजिक संदेशों को मनोरंजन के माध्यम से परोसने का सशक्त माध्यम भी बनती है। इसमें छत्तीसगढ़ी बोली की मिठास के साथ-साथ हमारी परंपरा और रीति-रिवाजों की झलक भी देखने को मिलेगी, जो हर वर्ग के दर्शकों से सीधा जुड़ाव बनाएगी।

फिल्म का संगीत, संवाद, लोकेशन और अभिनय सभी दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला है। फिल्म के पोस्टर से मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करेगी। जिन दर्शकों ने अब तक छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सिर्फ सीमित मनोरंजन का साधन माना है, उनके लिए यह फिल्म एक नया अनुभव साबित होगी।

इसलिए छत्तीसगढ़ी फिल्म प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा मौका है कि वे 4 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में जाकर इस ऐतिहासिक फिल्म का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को समर्थन दें। “मैं राजा तैं मोर रानी” केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संघर्ष और प्रेम की जीवंत गाथा है, जिसे हर दर्शक को जरूर देखना चाहिए।

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