बिलासपुर। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
बिलासपुर। हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम पथराली में फसल चराने की मामूली बात ने ऐसा तूल पकड़ा कि मामला कथित हत्या तक जा पहुंचा। खेत में फसल चराने को लेकर हुए विवाद के बाद 58 वर्षीय किसान राजू निर्मलकर को कथित तौर पर पकड़कर जबरन कीटनाशक पिलाने का आरोप है। गंभीर हालत में किसान को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
खेत के पास विवाद, फिर जबरन कीटनाशक पिलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक घटना 27 अगस्त 2026 की सुबह करीब 7:45 बजे ग्राम मुरू-खरकेना मार्ग के पास की है। मृतक राजू निर्मलकर, पिता कोदू निर्मलकर, निवासी पथराली, खेत के पास मौजूद था। इसी दौरान फसल चराने की बात को लेकर उसका कुछ लोगों से विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने राजू निर्मलकर को पकड़ लिया और उसके साथ जबरदस्ती करते हुए कीटनाशक दवा पिला दी। कीटनाशक का सेवन करने के बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
पत्नी के बयान और जांच के बाद हत्या का संदेह
किसान की मौत के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग क्रमांक 35/26 कायम कर जांच शुरू की। मर्ग जांच के दौरान मृतक की पत्नी शीला निर्मलकर के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा और अन्य जांच प्रक्रियाओं के आधार पर पुलिस को प्रथम दृष्टया मामले में हत्या का संदेह हुआ।
पुलिस ने इसके बाद घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ करते हुए मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
एक नाबालिग समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
जांच के बाद पुलिस ने मामले में एक नाबालिग सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई कीटनाशक दवा की बोतल भी बरामद की है। बरामदगी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

मामूली विवाद से किसान की मौत ने उठाए गंभीर सवाल
फसल चराने जैसी मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद किसान की मौत तक पहुंच गया। घटना ने गांव में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस पूरे मामले के प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ था।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई की गई है। घटना से जुड़े साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।







