मॉस्को पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, लावरोव से आज अहम वार्ता

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस की यात्रा पर मॉस्को पहुंच चुके हैं, जहां सोमवार को उनकी मुलाकात रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से होगी। दोनों नेताओं के बीच होने वाली यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारी और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग के विस्तार पर केंद्रित होगी।

इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं और दोनों देशों के बीच 23वां वार्षिक शिखर सम्मलेन आयोजित होना है।

दोहा के बाद अब रूस — लगातार कूटनीतिक सक्रियता
रूस यात्रा से पहले एस. जयशंकर दोहा में थे, जहां उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से मुलाकात की। रूस के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर इस बैठक की पुष्टि की और बताया कि जयशंकर–लावरोव वार्ता में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय विषयों पर चर्चा होगी।

एससीओ बैठक में भारतीय नेतृत्व
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने जानकारी दी कि जयशंकर 17–18 नवंबर को होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक के लिए भारत के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि जयशंकर और लावरोव की द्विपक्षीय बातचीत भारत–रूस साझेदारी के भविष्य की दिशा तय करेगी।

पूर्व यात्राओं में भी मजबूत रहा संवाद
विदेश मंत्री इससे पहले अगस्त 2025 में रूस का दौरा कर चुके हैं। उस समय उन्होंने व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े भारत–रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता की थी और राष्ट्रपति पुतिन सहित शीर्ष रूसी नेतृत्व से मुलाकात की थी।

मोदी–पुतिन संवाद भी जारी
अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें द्विपक्षीय प्रगति की समीक्षा की गई। पीएम मोदी ने पुतिन को जन्मदिन की बधाई भी दी थी और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का संकल्प दोहराया था।

दोनों नेता सितंबर में तियानजिन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान भी मिले थे, जहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद थे।

भारत और रूस ने यूक्रेन संकट सहित कई क्षेत्रीय एवं वैश्विक विषयों पर चर्चा की और एक-दूसरे को सहयोग मजबूत करने का भरोसा दिलाया। पुतिन ने आखिरी बार 2021 में भारत का दौरा किया था।

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