मोचन सिंह सोनवानी की कलम से…..✍🏻
मुंगेली, 14 जुलाई 2025 — मुंगेली जिले में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए कलेक्टर ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले 27 शासकीय कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई से पूरे जिले के सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन कर्मचारियों ने विकलांगता के फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति पाई थी। इनमें से कई शिक्षा विभाग में व्याख्याता जैसे उच्च पदों पर कार्यरत थे।
शक की सूई घूमने पर मामले की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय एवं सिम्स (SIMS) के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने जांच कर सभी प्रमाण पत्रों को फर्जी करार दिया। संयुक्त संचालक और अधीक्षक द्वारा सौंपी गई इस रिपोर्ट के बाद पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी संबंधित विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर दोषी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि इस आदेश के बाद बर्खास्तगी की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
प्रशासन के इस सख्त कदम से फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने वाले कर्मचारियों में खलबली मच गई है। साथ ही, यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी पर लगाम लगाने की दिशा में एक सख्त संदेश मानी जा रही है।









