भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं के बीच सामरिक साझेदारी को नई उड़ान देते हुए गरुड़-25 हवाई युद्धाभ्यास रविवार से फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन प्रांत में शुरू हो गया है। इस 12 दिवसीय अभ्यास में भारतीय वायुसेना ने अपने अत्याधुनिक सukhoi-30 MKI लड़ाकू विमानों, विशेष दल और आवश्यक उपकरणों को तैनात किया है।
भारतीय वायुसेना के अनुसार, इस अभ्यास का मकसद यथार्थवादी परिचालन वातावरण में रणनीतियों और प्रक्रियाओं को धार देना, परस्पर सीखना और दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना है।
सूत्रों के अनुसार, भारत के इस कदम से पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ना तय माना जा रहा है।
अभ्यास के दौरान भारतीय सुखोई-30 एमकेआई फ्रांस के बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमानों के साथ जटिल कृत्रिम हवाई युद्ध स्थितियों में हिस्सा लेंगे। इसमें हवा से हवा में युद्ध, वायु रक्षा तंत्र और संयुक्त हमला अभियानों पर विशेष जोर होगा।
भारतीय दल 10 नवंबर को फ्रांस पहुंच चुका है।
‘गरुड़-25’ अभ्यास दोनों वायुसेनाओं के लिए पेशेवर संवाद, परिचालन ज्ञान के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम सैन्य प्रथाओं को साझा करने का बड़ा मंच साबित होगा।









