बेंगलूरू की साइबर पुलिस ने एक संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ‘मस्क कम्युनिकेशंस’ नाम की फर्जी सॉफ्टवेयर कंपनी पर बड़ी कार्रवाई की है। इस कंपनी के 21 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को Microsoft Technical Support बताकर अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे।
यह कार्रवाई साइबर कमांड की स्पेशल सेल और व्हाइटफील्ड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस के अनुसार, कंपनी का 4,500 वर्ग फीट में फैला ऑफिस शुरुआत से ही धोखाधड़ी के लिए बनाया गया था। अगस्त 2025 में शुरू की गई इस कंपनी ने धीरे-धीरे विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर एक व्यापक ठगी नेटवर्क खड़ा कर लिया था।
🔍 कैसे चला ठगी का खेल?
जांच में सामने आया कि आरोपी माइक्रोसॉफ्ट सपोर्ट स्टाफ बनकर विदेशी नागरिकों को कॉल करते थे।
- सिस्टम में नकली समस्या बताना
- रिमोट एक्सेस लेना
- तकनीकी सहायता के नाम पर भुगतान वसूलना
इसी तरीके से हजारों डॉलर की धोखाधड़ी की आशंका जताई गई है।
🚔 जबरदस्त छापेमारी
कोर्ट से सर्च वारंट लेकर पुलिस ने शुक्रवार और शनिवार को व्हाइटफील्ड स्थित ऑफिस पर छापेमारी की।
अभियान का नेतृत्व डीजीपी डॉ. प्रोनब मोहंती के निर्देशन में किया गया।
छापेमारी के दौरान ज़ब्त किए गए:
- कई कंप्यूटर सिस्टम
- मोबाइल फोन
- डिजिटल डिवाइस
- महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण
पूरी रात चली तलाशी 15 नवंबर सुबह 11 बजे तक जारी रही।
⚖️ आगे की कार्रवाई
- सभी 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।
- गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।
- जब्त डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच जारी है ताकि विदेशी पीड़ितों की संख्या और लेन-देन का पूरा नेटवर्क सामने आ सके।
⚠️ साइबर पुलिस की चेतावनी
बेंगलूरू में इस तरह के फर्जी कॉल सेंटर पहले भी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन यह नेटवर्क सबसे अधिक संगठित माना जा रहा है।
पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा—
किसी भी तकनीकी सहायता कॉल या मैसेज पर तुरंत भुगतान न करें और जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।









