बिलासपुर। लंबे समय तक जारी बारिश के बाद अब मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। पिछले 12 दिनों से झमाझम बारिश के बाद रविवार को आसमान साफ रहा और बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। इसके चलते जिले में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। जहां पांच दिन पहले अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस था, वहीं रविवार को यह बढ़कर 34.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग तीन डिग्री अधिक है।
भले ही बीते दिनों में अच्छी वर्षा हुई हो, लेकिन अब नदियों और नालों का जलस्तर घटने लगा है। तालाबों और पोखरों का पानी भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। खेतों में अब भी कई स्थानों पर पानी जमा है, लेकिन किसान अब फसल को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ना शुरू कर चुके हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कुछ दिनों तक बारिश न हो, तो यह फसलों के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है।
शहर में जल आपूर्ति की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने इसकी नियमित निगरानी शुरू कर दी है। इधर, बढ़ती उमस और वातावरण में बनी नमी से जहरीले जीव-जंतु जैसे बिच्छू, सांप और कीड़े-मकोड़े भी सक्रिय हो गए हैं। ग्रामीण और शहरी इलाकों से इनकी उपस्थिति की खबरें सामने आने लगी हैं। कई स्थानों से सांप-बिच्छू के काटने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने, घरों की साफ-सफाई बनाए रखने और खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग का कहना है कि इस समय बंगाल की खाड़ी में कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है, जिससे जिले में भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है। हालांकि, द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के असर से कहीं-कहीं शाम या रात के समय हल्की बारिश हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन करें और खेतों से अनावश्यक पानी निकालने से बचें, ताकि फसल को नुकसान न हो।








